नई दिल्ली: 18 सितंबर 2026 की रात चंद्रमा अपनी स्थिति बदलकर धनु राशि में प्रवेश करेंगे। इस दौरान उन पर शनि की विशेष दसवीं दृष्टि पड़ेगी। ज्योतिष के अनुसार चंद्रमा मन और भावनाओं के कारक हैं, जबकि शनि अनुशासन और कर्मफल के दाता माने जाते हैं। इन दोनों ग्रहों का ऐसा संयोग कई राशियों पर गहरा असर डाल सकता है।
मिथुन राशि (Gemini)
प्रभाव: चंद्रमा और शनि के इस योग से मिथुन राशि के जातकों को मानसिक तनाव और उथल-पुथल का सामना करना पड़ सकता है।
सावधानी: कार्यक्षेत्र में जल्दबाजी से बचें। किसी विवाद की स्थिति बने तो शांत रहें और अपनी वाणी पर संयम रखें। वाहन चलाते समय सतर्क रहें।
कन्या राशि (Virgo)
प्रभाव: कन्या राशि वालों के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण हो सकता है। बेवजह खर्च बढ़ सकते हैं और योजनाएं समय पर पूरी न होने से मन अशांत रह सकता है।
सावधानी: आर्थिक मामलों में सतर्क रहें। सेहत से जुड़ी छोटी समस्याएं जैसे थकान या पेट की परेशानी उभर सकती हैं, इसलिए खान-पान पर ध्यान दें।
धनु राशि (Sagittarius)
प्रभाव: धनु राशि के जातकों को पारिवारिक और करियर से जुड़े मामलों में अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी। कामकाज में अड़चनें आ सकती हैं और सहकर्मियों से मतभेद हो सकते हैं।
सावधानी: तनाव कम करने के लिए योग और ध्यान करें। निवेश से पहले अनुभवी व्यक्ति की सलाह लें और दस्तावेजों को ध्यान से जांचें।
बचाव और राहत के उपाय
चंद्रमा मन के कारक हैं, इसलिए भगवान शिव को जल अर्पित करें और ॐ नमः शिवाय का जाप करें।
शनिवार को शनि मंत्रों का जाप करें या जरूरतमंदों को काले तिल और अनाज का दान करें।
इस अवधि में धैर्य बनाए रखें और किसी भी तरह की हड़बड़ी से बचें।
आज रात का यह ग्रह संयोग तीन राशियों के लिए विशेष सावधानी का संकेत है। मिथुन, कन्या और धनु राशि के जातकों को मानसिक, आर्थिक और पारिवारिक मामलों में सतर्क रहना चाहिए। सही उपाय और संयम से इस समय को संतुलित किया जा सकता है।












