नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट अगस्त के अंत में अपने पद से इस्तीफा देने वाली हैं. हालांकि, व्हाइट हाउस छोड़ने के बाद भी उनका ट्रंप के साथ जुड़ाव बना रहेगा. वह बाहरी सलाहकार के तौर पर ट्रंप की राजनीतिक और संचार टीम के साथ काम करेंगी.
बच्चों के लिए लिया बड़ा फैसला
28 वर्षीय लेविट ने अपने फैसले की वजह परिवार को बताया है. उन्होंने कहा कि व्हाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी की जिम्मेदारी बेहद व्यस्त और समय मांगने वाली है. दो बच्चों की मां बनने के बाद उनके लिए काम और मातृत्व के बीच संतुलन बनाना मुश्किल हो रहा था. लेविट ने मई में अपनी दूसरी संतान, एक बेटी को जन्म दिया था. इसके बाद वह कुछ समय के मातृत्व अवकाश पर रहीं और हाल ही में काम पर वापस लौटी थीं.
उनका कहना है कि दोबारा काम शुरू करने के बाद उन्हें महसूस हुआ कि वह अपने बच्चों के लिए उतना समय नहीं दे पा रही हैं, जितना वह चाहती हैं. उन्होंने अपने कार्यकाल को जीवन का बेहद खास अनुभव बताया और कहा कि व्हाइट हाउस में सेवा करना उनके लिए सम्मान की बात रही.
ट्रंप ने की जमकर तारीफ
ट्रंप ने लेविट के काम की प्रशंसा करते हुए उन्हें व्हाइट हाउस के इतिहास की बेहतरीन प्रेस सेक्रेटरी में से एक बताया. उन्होंने कहा कि लेविट ने प्रशासन में नेतृत्व की भूमिका निभाई और 2024 के राष्ट्रपति चुनाव अभियान में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया. लेविट ट्रंप की मजबूत समर्थक मानी जाती हैं. प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कई बार पत्रकारों के साथ उनके तीखे सवाल-जवाब भी चर्चा में रहे.
सबसे कम उम्र की प्रेस सेक्रेटरी बनी थीं
कैरोलिन लेविट ने ट्रंप के 2024 चुनाव अभियान में काम किया था. बाद में वह ट्रांजिशन टीम की प्रवक्ता बनीं और जनवरी 2025 में व्हाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी का पद संभाला. उस समय वह 26 साल की थीं और इस पद पर नियुक्त होने वाली सबसे कम उम्र की व्यक्ति बनीं.
उनके कार्यकाल में व्हाइट हाउस की मीडिया रणनीति में भी बदलाव देखने को मिला. प्रशासन ने पारंपरिक मीडिया के साथ-साथ पॉडकास्ट, न्यूजलेटर और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े पत्रकारों को भी अधिक जगह देने की कोशिश की.












