ट्रंप-पुतिन की फिर होगी मुलाकात? अमेरिकी राष्ट्रपति ने अगली मीटिंग को दिखाई हरी झंडी

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Donald Trump
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नई दिल्ली: रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म कराने की कोशिशों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ एक और मुलाकात का संकेत दिया है. ट्रंप ने कहा कि वह पुतिन के साथ फिर शिखर बैठक के लिए तैयार हैं, लेकिन इसके लिए मॉस्को को यूक्रेन के साथ शांति समझौते की दिशा में गंभीर कदम बढ़ाने होंगे.

ट्रंप ने बुधवार को व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह बात कही. उनका कहना था कि दोनों देशों के बीच अगली बैठक तभी होनी चाहिए, जब शांति समझौते को लेकर ठोस तैयारी हो. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका रूस, यूक्रेन और दूसरे देशों के साथ अच्छे संबंध रखना चाहता है, क्योंकि इससे व्यापार और अमेरिकी हितों को फायदा मिल सकता है.

बाइडेन पर भी साधा निशाना

ट्रंप ने इस दौरान अपने पूर्ववर्ती राष्ट्रपति जो बाइडेन पर भी अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधा. उन्होंने दावा किया कि अगर 2020 के राष्ट्रपति चुनाव के बाद वह दोबारा सत्ता में आ गए होते, तो रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध शुरू नहीं होता. ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि 2016 से 2020 के बीच उनकी पुतिन से लगातार बातचीत होती थी और उस दौरान उन्हें युद्ध की कोई संभावना नजर नहीं आती थी. 

उनके मुताबिक, सत्ता से हटने के बाद उन्होंने हालात को बदलते देखा और उन्हें लगा कि दोनों देशों के बीच टकराव बढ़ सकता है. उन्होंने रूस और यूक्रेन के मौजूदा संबंधों पर भी चिंता जताई. ट्रंप ने कहा कि इस समय पुतिन और यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की के बीच बेहद ज्यादा दुश्मनी है, जिससे बातचीत की राह मुश्किल बनी हुई है.

अलास्का में हुई थी पिछली मुलाकात

ट्रंप और पुतिन की पिछली आमने-सामने बैठक पिछले साल अगस्त में अलास्का में हुई थी. दोनों नेताओं ने उस मुलाकात को सकारात्मक बताया था. बैठक के बाद पुतिन ने ट्रंप को मॉस्को आने और एक और शिखर बैठक में शामिल होने का न्योता भी दिया था. हालांकि, इसके बाद दोनों नेताओं की अगली बैठक नहीं हो सकी. रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष भी जारी रहा और दोनों पक्ष एक-दूसरे के ठिकानों पर लगातार हमले करते रहे.

यूरोप की भी बढ़ी चिंता

युद्ध के बीच यूक्रेन लगातार यूरोपीय देशों से समर्थन और मदद मांग रहा है. वहीं ऐसी अटकलें भी सामने आती रही हैं कि रूस नाटो के किसी सदस्य देश को निशाना बना सकता है. हालांकि, ट्रंप और क्रेमलिन दोनों ने इस तरह की खबरों को खारिज किया है. ट्रंप का ताजा बयान ऐसे समय आया है, जब रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए बातचीत की कोशिशों पर दुनिया की नजर बनी हुई है. पुतिन के साथ अगली बैठक को लेकर उनकी शर्त से संकेत मिलता है कि अमेरिका फिलहाल इसे सीधे शांति प्रक्रिया से जोड़कर देख रहा है.

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