भारत-ईरान मुलाकात के बाद रुबियो की चेतावनी, तेहरान को प्रतिबंधों से बचाने पर होगी कार्रवाई

0
6
Meeting between Prime Minister Narendra Modi and Iranian President Masoud Pezeshkian
X/@drshamamohd

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान की मुलाकात के बाद अमेरिका ने भारत समेत दूसरे देशों को ईरान को लेकर चेतावनी दी है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि कोई भी देश ईरान को अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने में मदद न करे। वहीं अगर कोई ऐसा करता है तो उस देश पर भी अमेरिका की ओर से प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।

भारत-ईरान व्यापार को लेकर किया गया सवाल 

बता दें, रुबियो ने यह बात उस वक़्त एक अमेरिकी रेडियो कार्यक्रम में कही, जब उनसे भारत और ईरान के बीच व्यापार को लेकर सवाल पूछा गया था। इस पर उन्होंने कहा कि उन्हें दोनों देशों के बीच किसी नए व्यापार समझौते की जानकारी नहीं है। हालांकि, उन्होंने माना कि भारत समेत हर देश को अपनी विदेश नीति तय करने और दूसरे देशों के साथ रिश्ते रखने का अधिकार है।

ईरान की मदद करने पर हो सकती है कार्रवाई 

रुबियो ने साफ किया कि अमेरिका को ईरान के साथ दूसरे देशों के सामान्य संपर्क से परेशानी नहीं है। उनकी चिंता उन आर्थिक गतिविधियों को लेकर है, जिनसे ईरान को पैसा कमाने में मदद मिल सकती है और वह अमेरिकी प्रतिबंधों से बच सकता है। उन्होंने कहा कि अगर कोई देश ऐसा करता है तो अमेरिका उसके खिलाफ भी कार्रवाई कर सकता है।

बिश्केक में मिले थे मोदी और पेज़ेशकियान

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पेज़ेशकियान की मुलाकात बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक के दौरान हुई थी। दोनों नेताओं ने भारत और ईरान के रिश्तों को मजबूत करने और दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने पर चर्चा की थी। इसके साथ ही बैठक में पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और समुद्री रास्तों की सुरक्षा पर भी बात हुई। भारत ने कहा कि क्षेत्र में शांति के लिए बातचीत और कूटनीति का रास्ता अपनाया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी ने आम लोगों, नागरिक ढांचे और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा पर भी जोर दिया।

वहीं, पेज़ेशकियान ने भारत से पश्चिम एशिया में तनाव कम करने में अपनी राजनयिक भूमिका निभाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ईरान युद्ध नहीं चाहता और शांति चाहता है। ऐसे समय में भारत के सामने दोनों देशों के साथ रिश्तों में संतुलन बनाए रखने की चुनौती है। ईरान के साथ भारत के पुराने रणनीतिक और कारोबारी संबंध हैं, वहीं अमेरिका भी भारत का अहम साझेदार है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here