नई दिल्ली: मेघालय की राजनीति में बुधवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला है। यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (UDP) के 8 विधायक भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए हैं। दिल्ली स्थित बीजेपी मुख्यालय में सभी विधायकों ने औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता ली। इस दौरान केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा, प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश प्रभारी अनिल एंटनी मौजूद रहे।
बता दें, बीजेपी में शामिल होने वाले विधायकों में लहकमेन रिंबुई, पियुस मारवीन, किर्मेन शायला, मेयरलबोर्न सिएम, मैथ्यू कुरबाह, ओलान सिंह सुइन, बालाजिएड कुपार सिनरेम और सिनशार लिंगदोह थाबाह शामिल हैं।
बदल गया विधानसभा का गणित
इन विधायकों के बीजेपी में आने से मेघालय विधानसभा का समीकरण पूरी तरह बदल गया है। 60 सदस्यीय विधानसभा में UDP के पास 12 विधायक थे। अब 8 विधायकों के जाने के बाद उसके पास सिर्फ 4 विधायक बचे हैं। वहीं बीजेपी के पास पहले 2 विधायक थे, अब संख्या बढ़कर 10 हो गई है। इसके साथ ही बीजेपी राज्य में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई है।
बता दें कि UDP के दो विधायक मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा की सरकार में मंत्री भी हैं। ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में विधायकों का पाला बदलना UDP के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
कई दिनों से चल रही थी चर्चा
दरअसल, इस दल-बदल की चर्चा पिछले कई दिनों से चल रही थी। 16 सितंबर को UDP विधायक किर्मेन शायला ने खुद कहा था कि पार्टी के 8 विधायक बीजेपी में जाने का मन बना चुके हैं और यह संख्या 9 तक भी जा सकती है। बताया जा रहा है कि विधायकों ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से मुलाकात के बाद यह फैसला लिया।
क्या थीं विधायकों की मांगें?
सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी में शामिल होने से पहले विधायकों ने कुछ शर्तें रखी थी। इनमें कोयला खनन नियमों में बदलाव और खासी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग प्रमुख है। इसके अलावा मेघालय रेजिडेंट्स सेफ्टी एंड सिक्योरिटी एक्ट को लागू करने की भी मांग की गई है। विधायकों का कहना है कि 2028 चुनाव से पहले इन मांगों को पूरा करने का आश्वासन मिला है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सभी विधायकों का स्वागत करते हुए कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में पूर्वोत्तर में विकास हुआ है और उसी से प्रभावित होकर ये विधायक बीजेपी में आए हैं।












