राजस्थान के डीग में मंगलवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब विनय चौधरी और विष्णु चौधरी नाम के दो जुड़वां भाइयों के शव एक खाली जमीन पर बरामद हुए। दोनों की उम्र 13 साल बताई गई है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बच्चे सुबह अपने घर से निकले थे, लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी वापस नहीं पहुंचे। परिवार के लोगों ने उनकी तलाश शुरू की तो पास के एक भूखंड में दोनों के शव दिखाई दिए। घटनास्थल पर खून के निशान मिले और बच्चों के शरीर पर कई जगह चोटों के चिह्न पाए गए। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, दोनों बच्चों की गर्दन पर धारदार हथियार से हमला किए जाने की आशंका है। उनके सिर पर भी चोटों के निशान मिले हैं। हालांकि, हत्या किसने और किन परिस्थितियों में की, इसका खुलासा अभी नहीं हुआ है। डीग के पुलिस अधीक्षक कांबले एस. गोपीनाथ ने बताया कि पूछताछ के लिए एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। जांच टीम घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य जुटाने और मामले की कड़ियां जोड़ने में लगी है।
घर के पास मिला वारदात का सुराग
दोनों भाइयों के लापता होने के बाद परिवार ने आसपास के इलाकों में तलाश की थी। इसी दौरान घर के नजदीक खाली भूखंड में उनके शव मिलने की जानकारी सामने आई। घटनास्थल पर मिले निशानों और बच्चों के शरीर पर मौजूद चोटों को जांच का हिस्सा बनाया गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बच्चों को वहां तक कौन लेकर गया था और घटना से पहले उनके साथ क्या हुआ था।
जांच अधिकारियों के सामने फिलहाल कई सवाल हैं। वारदात का समय, हत्या के पीछे संभावित वजह और संदिग्ध की भूमिका की पुष्टि होना बाकी है। पुलिस पूछताछ के साथ उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है।
पिता की मौत के बाद ननिहाल में रह रहा था परिवार
जानकारी के मुताबिक, दोनों बच्चों के पिता निरंजन सिंह का पहले ही निधन हो चुका था। इसके बाद विनय और विष्णु अपनी मां प्रीति के साथ नाना घनश्याम चौधरी के घर पर रह रहे थे। परिवार में चार भाई-बहन हैं और दोनों जुड़वां बच्चे उनमें सबसे छोटे थे। उनकी बड़ी बहन 18 वर्ष की बताई गई है, जबकि एक अन्य भाई की उम्र 15 साल है। परिवार पहले ही पिता को खो चुका था और अब दोनों बच्चों की मौत से उस पर दुखों का भारी पहाड़ टूट पड़ा है। घटना की खबर मिलने के बाद परिजनों की स्थिति को लेकर भी चिंता जताई जा रही है।
एक संदिग्ध हिरासत में, हत्या की वजह अब तक अज्ञात
पुलिस ने मामले में एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। हालांकि, अधिकारियों की ओर से संदिग्ध के नाम या उसके खिलाफ मिले साक्ष्यों का विस्तृत विवरण अभी सामने नहीं आया है। किसी व्यक्ति को हिरासत में लिया जाना अपने आप में अपराध साबित नहीं करता; जांच के बाद ही उसकी भूमिका स्पष्ट होगी।
पुलिस का ध्यान हत्या की परिस्थितियों का पता लगाने, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों की जांच करने और बच्चों की गतिविधियों से जुड़ी जानकारी जुटाने पर है। पोस्टमार्टम तथा अन्य जांच प्रक्रियाओं से भी मामले को समझने में मदद मिलने की उम्मीद है। पुलिस जांच पूरी होने और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही इस दोहरे हत्याकांड की वजह स्पष्ट हो सकेगी।












