वाराणसी: त्योहारों की खुशियों के बीच काशीवासियों को रेलवे ने रफ्तार और सहूलियत का ऐसा तोहफा दिया है, जिससे रेल यात्रा की तस्वीर बदलने वाली है। दीपावली और छठ पर्व से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर वाराणसी को तीन नई रेल सेवाओं की सौगात मिली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की मौजूदगी में नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, बनारस-प्रयागराज रामबाग मेमू और बनारस-राजातालाब मेमू सेवा का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की सौगात के लिए प्रधानमंत्री का हृदय से आभार जताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी वाराणसी से दिल्ली पहुंचने में 13 से 14 घंटे लगते थे, लेकिन अब वंदे भारत स्लीपर से यह दूरी महज 8 से 9 घंटे में पूरी होगी। यानी समय की बचत और सफर में आराम का नया दौर शुरू होगा। उन्होंने भविष्य की बुलेट ट्रेन परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि दिल्ली से काशी की दूरी महज साढ़े तीन घंटे में तय करने का सपना भी साकार होगा।
95 रुपये में महीने भर का सफर, आम आदमी को राहत
मुख्यमंत्री ने मेमू ट्रेनों को आम यात्रियों के लिए बड़ी राहत बताया। उनके अनुसार बनारस से राजातालाब तक महीने भर की यात्रा का खर्च मात्र 95 रुपये और बनारस से प्रयागराज तक 220 रुपये होगा। इससे छात्रों, अधिवक्ताओं, व्यापारियों और रोजाना आवागमन करने वाले लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि चाय-पान पर होने वाले रोजमर्रा के खर्च जितनी रकम में रेलवे महीने भर की सुरक्षित यात्रा उपलब्ध करा रहा है।
रेलवे का कायाकल्प, 157 स्टेशनों को मिला नया स्वरूप
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में रेलवे की सभी लाइनें ब्रॉडगेज और विद्युतीकृत हो चुकी हैं। मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग की जगह ओवरब्रिज और अंडरपास बनाए गए हैं। प्रदेश के 157 रेलवे स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। उन्होंने दावा किया कि पूर्व की सरकारों की तुलना में उत्तर प्रदेश को अब 18 गुना अधिक रेल बजट मिल रहा है।
व्यापार को मिलेगी रफ्तार
मुख्यमंत्री ने बताया कि ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का एक हजार किलोमीटर से अधिक हिस्सा उत्तर प्रदेश से गुजरता है। इससे माल परिवहन तेज और व्यवस्थित हुआ है तथा व्यापारियों को लाभ मिल रहा है।
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी वर्चुअल माध्यम से जुड़े। काशी में मंत्री अनिल राजभर, दयाशंकर मिश्र दयालु, रविंद्र जायसवाल, हंसराज विश्वकर्मा, महापौर अशोक तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सतीश कुमार सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे। काशी की पटरियों पर दौड़ेगी विकास की नई रफ्तार, वंदे भारत












