नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली की ऐतिहासिक विरासत अब आधुनिक विकास की नई चमक के साथ नजर आएगी। पुरानी दिल्ली की पहचान माने जाने वाले नेताजी सुभाष मार्ग की तस्वीर बदलने की तैयारी है। दिल्ली गेट से कश्मीरी गेट तक करीब 3.3 किलोमीटर लंबे इस मार्ग को खूबसूरत व्यवस्थित और सुविधाजनक गलियारे के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में इंद्रप्रस्थ विरासत पुनर्विकास निगम इस महत्वाकांक्षी परियोजना की योजना तैयार कर रहा है।
सड़कों पर रफ्तार, विरासत को मिलेगी नई पहचान
योजना के तहत मार्ग को तीन हिस्सों में बांटकर विकास किया जाएगा। इसमें पैदल यात्रियों के लिए चौड़े फुटपाथ, साइकिल ट्रैक, बस लेन, वाहन मार्ग, पार्किंग स्थल और आकर्षक पैदल यात्री चौक विकसित किए जाएंगे। आधुनिक सार्वजनिक शौचालय बनाए जाएंगे और पुराने बस स्टॉप भी नए स्वरूप में नजर आएंगे। यातायात को सुचारु बनाने के लिए व्यवस्थित चौराहे, संकेतक और सुरक्षित क्रॉसिंग की व्यवस्था होगी।
इस परियोजना की खासियत यह है कि सड़क के साथ आसपास की ऐतिहासिक धरोहरों और हरित क्षेत्रों को भी नया जीवन देने की योजना है। लाल किला, जामा मस्जिद, सेंट जेम्स चर्च, कश्मीरी गेट, सुभाष पार्क, हिंदी पार्क, अग्रसेन पार्क और सुनहरी मस्जिद सहित 12 प्रमुख स्थलों को विकास की कड़ी से जोड़ने का प्रस्ताव है।
दिल्ली गेट पर बनेगा विरासत व्याख्या पार्क
दिल्ली गेट के आसपास विरासत व्याख्या पार्क विकसित करने की योजना है। इसमें प्रतिमा, आकर्षक मंडप, हरियाली, बैठने की व्यवस्था और पार्किंग जैसी सुविधाएं होंगी। मार्ग के दोनों ओर पेड़-पौधे, फूलों की क्यारियां, हरी पट्टियां और आकर्षक रोशनी इसकी सुंदरता बढ़ाएंगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली की ऐतिहासिक आत्मा और सांस्कृतिक पहचान से समझौता किए बिना आधुनिक सुविधाओं का विस्तार सरकार की प्राथमिकता है। उनका कहना है कि विकास ऐसा होना चाहिए, जो विरासत की गरिमा को और बढ़ाए।
Reported By: Pankaj Rai












