नई दिल्ली: मुसीबत में फंसे एक मासूम के लिए दिल्ली पुलिस उस वक्त फरिश्ता बनकर पहुंची, जब वह अपनों से बिछड़कर अनजान शहर की गलियों में भटक रहा था। हौज काजी थाना पुलिस की सतर्कता संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई ने महज 50 मिनट में बच्चे की तलाश पूरी कर उसे सुरक्षित परिवार तक पहुंचा दिया। ऑपरेशन मिलाप के तहत पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना हो रही है।
लाल कुआं में रोता मिला 13 वर्षीय बालक
मध्य जिला डीसीपी रोहित राजवीर सिंह ने बताया कि 2 नवंबर को लाल कुआं बाजार में थाना हौज काजी के सामने 13 वर्षीय बालक अकेला रोता हुआ मिला। गश्त कर रहे हेड कांस्टेबल राहुल और महिला कांस्टेबल निधि की नजर उस पर पड़ी। दोनों ने बच्चे को ढांढस बंधाया, खाने-पीने की व्यवस्था की और उसे सुरक्षित थाने लेकर पहुंचे।
विशेष टीम गठित, सीसीटीवी और स्थानीय मदद ली
मामले की गंभीरता देखते हुए थाना प्रभारी अमरेंद्र कुमार सुमन के नेतृत्व तथा सहायक पुलिस आयुक्त कमला मार्केट राजीव भारद्वाज के मार्गदर्शन में हेड कांस्टेबल राहुल, हेड कांस्टेबल पंकज और महिला कांस्टेबल निधि की विशेष टीम बनाई गई। पुलिस ने चांदनी महल, कमला मार्केट, दरियागंज, लाहौरी गेट और कोतवाली थानों से संपर्क किया। आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और अमन कमेटी तथा आरडब्ल्यूए समूहों की मदद ली गई।
50 मिनट में परिजनों से मिलाप
पूछताछ में पता चला कि बच्चा बिहार का रहने वाला है और पंजाब से दिल्ली आया था। रेलवे स्टेशन पर रास्ता भटककर वह लाल कुआं पहुंच गया था। पुलिस ने बिहार के सीतामढ़ी जिले के बेला थाने से संपर्क कर माता-पिता का पता लगाया। इसके बाद जाफराबाद में रह रहे उसके भाई से संपर्क स्थापित किया गया। महज 50 मिनट में पुलिस ने परिजनों का पता लगाकर सत्यापन के बाद बच्चे को उसके भाई के सुपुर्द कर दिया।












