रुद्राभिषेक का सबसे शुभ दिन कौन-सा है? सावन 2026 में जानें सही तारीख और शुभ मुहूर्त

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Sawan 2026,
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नई दिल्ली: भगवान शिव की आराधना के लिए सावन का महीना सबसे पवित्र माना जाता है. इस पूरे माह में भक्त शिवलिंग पर जलाभिषेक और रुद्राभिषेक कर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रुद्राभिषेक करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं. हालांकि, सावन में हर तिथि रुद्राभिषेक के लिए समान रूप से शुभ नहीं मानी जाती. इसलिए तिथि के अनुसार पूजा करना अधिक फलदायी माना गया है.

सावन में रुद्राभिषेक के लिए सबसे शुभ तिथियां

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कृष्ण पक्ष की अष्टमी, अमावस्या तथा शुक्ल पक्ष की द्वितीया और नवमी रुद्राभिषेक के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है. कहा जाता है कि इन तिथियों पर भगवान शिव माता पार्वती के साथ विराजमान रहते हैं. इन दिनों रुद्राभिषेक करने से घर-परिवार में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है.

इसके अलावा महाशिवरात्रि, प्रदोष व्रत और सावन के सभी सोमवार भी रुद्राभिषेक के लिए सर्वोत्तम माने गए हैं. इन दिनों की गई शिव आराधना का विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है.

इन तिथियों पर भी मिलता है विशेष लाभ

कृष्ण पक्ष की चतुर्थी और एकादशी तथा शुक्ल पक्ष की पंचमी और द्वादशी को भगवान शिव का निवास कैलाश पर्वत पर माना जाता है. इन तिथियों पर रुद्राभिषेक करने से परिवार में खुशहाली और सुख-समृद्धि बनी रहती है.

वहीं कृष्ण पक्ष की पंचमी और द्वादशी तथा शुक्ल पक्ष की षष्ठी और त्रयोदशी को भगवान शिव नंदी पर सवार होकर पृथ्वी पर भ्रमण करते हैं। इन तिथियों पर किया गया रुद्राभिषेक विशेष मनोकामनाओं की पूर्ति करने वाला माना जाता है.

किन तिथियों पर रुद्राभिषेक से बचें

शास्त्रों में कुछ तिथियों पर रुद्राभिषेक न करने की भी सलाह दी गई है. कृष्ण पक्ष की तृतीया और दशमी तथा शुक्ल पक्ष की चतुर्थी और एकादशी के दिन भगवान शिव क्रीड़ा में लीन रहते हैं. 

वहीं कृष्ण पक्ष की द्वितीया और नवमी तथा शुक्ल पक्ष की तृतीया और दशमी को वे देवताओं की समस्याओं के समाधान में व्यस्त माने जाते हैं. इन तिथियों पर रुद्राभिषेक करने से अपेक्षित फल नहीं मिलता. इसके अलावा कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी और शुक्ल पक्ष की सप्तमी पर भी रुद्राभिषेक करने से बचने की सलाह दी जाती है.

सावन में करें श्रद्धा से शिव आराधना

सावन के महीने में भगवान शिव की सच्चे मन से पूजा, रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र और ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप अत्यंत शुभ माना जाता है. यदि सही तिथि और श्रद्धा के साथ रुद्राभिषेक किया जाए तो भगवान भोलेनाथ की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख, शांति तथा सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है. साथ ही, सावन का पूरा महीना रुद्राक्ष धारण करने के लिए भी शुभ माना गया है.

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