नई दिल्ली: प्लेसमेंट सीजन शुरू होने से ठीक पहले IIT के छात्रों के लिए एक बड़ी और अहम खबर सामने आई है। संस्थान ने ऐसी 22 कंपनियों को अगले दो साल के लिए बैन कर दिया है, जो पहले तो छात्रों को नौकरी का ऑफर लेटर थमा देती हैं, लेकिन बाद में उन्हें नौकरी देने से पीछे हट जाती हैं। अब इन कंपनियों को अगले दो कैंपस प्लेसमेंट सीजन के दौरान छात्रों की भर्ती प्रक्रिया से पूरी तरह दूर रखा जाएगा।
दरअसल इन कंपनियों ने पिछले शैक्षणिक सत्र में साल 2026 में ग्रेजुएट होने वाले छात्रों को नौकरी के ऑफर दिए थे, लेकिन बाद में कई ऑफर या तो वापस ले लिए गए या उन्हें पूरा ही नहीं किया गया। इस वजह से कई छात्रों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ा, जिसके बाद आईआईटी संस्थानों ने यह सख्त फैसला लेने का मन बनाया। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, जब देश भर के आईआईटी संस्थान नए प्लेसमेंट सीजन की तैयारियों में जुटे हुए हैं।
150 से ज्यादा ऑफर वापस लिए गए
छात्रों को हो रही परेशानी को देखते हुए यह अहम फैसला इसी महीने की शुरुआत में IIT गुवाहाटी में हुई ऑल आईआईटी प्लेसमेंट कमेटी (AIPC) की बैठक में लिया गया। यह वही केंद्रीय संस्था है, जो सभी IIT कैंपस में प्लेसमेंट और इंटर्नशिप से जुड़े नियमों की देखरेख करती है। AIPC समन्वयक और IIT गुवाहाटी के एसोसिएट प्रोफेसर जॉन जोस ने बताया कि इस पूरे मामले में 23 आईआईटी से जुड़े 150 से ज्यादा ऑफर शामिल हैं, जिनमें से कुछ कंपनियों ने अकेले ही 10 से 15 ऑफर वापस ले लिए। हालांकि उन्होंने इन कंपनियों के नाम सार्वजनिक नहीं किए।
दिलचस्प बात यह है कि कमेटी ने इस पूरी प्रक्रिया को ‘ब्लैकलिस्टिंग’ कहने से साफ मना कर दिया है, और इसके बजाय इसे ‘नॉन-कोऑपरेशन’ नाम दिया जाएगा। कैंपस से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, ओरेकल उन कंपनियों में शामिल है जो पिछले दो सालों से इस नॉन-कोऑपरेशन का सामना कर रही है, क्योंकि यह कंपनी कथित तौर पर आईआईटी छात्रों को दिए गए करीब 40 ऑफर पूरा करने में नाकाम रही। गौरतलब है कि इस अमेरिकी सॉफ्टवेयर कंपनी ने इस साल दुनियाभर में हजारों कर्मचारियों की छंटनी की है, जिसमें भारत भी शामिल है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई स्टार्टअप कंपनियां भी इस कार्रवाई की लिस्ट में शामिल हैं।
प्रभावित छात्रों की मदद में जुटे संस्थान
आईआईटी अब उन छात्रों की मदद करने में भी जुटे हैं, जिनके ऑफर अचानक रद्द कर दिए गए। प्लेसमेंट सेल इन छात्रों के सीवी मौजूदा रिक्रूटर्स के बीच सर्कुलेट कर रहा है, और उनसे उपलब्ध पदों पर इन उम्मीदवारों पर विचार करने का अनुरोध किया जा रहा है। अनुमान के मुताबिक, प्रभावित छात्रों में से करीब 20 से 30 प्रतिशत को इसी तरह के प्रयासों से नई नौकरी मिल चुकी है। हालांकि आईआईटी के पास अभी भी उन सभी छात्रों की पूरी जानकारी नहीं है जो अब भी नौकरी की तलाश में हैं, क्योंकि कुछ छात्रों ने अपने संस्थान को बताए बिना ही कैंपस के बाहर या अपने व्यक्तिगत नेटवर्क के जरिए स्वतंत्र रूप से रोजगार हासिल कर लिया होगा।












