ल्यारी में फिर गूंजी गोलियों की आवाज! उजैर बलोच के भाई जुबैर को बनाया गया निशाना

0
8
Pakistan,Karachi
Pakistan,Karachi

नई दिल्ली: पाकिस्तान के कराची से एक सनसनी खेज खबर सामने आई है, जहां गुरुवार शाम कुख्यात गैंगस्टर और प्रतिबंधित पीपुल्स अम्न कमेटी (PAC) उजैर बलोच के भाई जुबैर बलोच पर कुछ अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं. बता दें, इस हमले में जुबैर के गंभीर रूप से घायल होने की खबर सामने आई है. वहीं घटनास्थल पर मौजूद अन्य दो लोगों भी जख्मी  बताए जा रहे है. हालांकि तीनों को तुरंत इलाज के लिए कराची के सिविल अस्पताल में भर्ती  करा दिया गया है और फिलहाल जुबैर की हालत नाजुक बताई जा रही है.

कब हुई ये घटना 

सामने आई मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, घटना के दौरान हमलावर  बाइक पर सवार थे और उन्होंने अपना चेहरा ढक रखा था. वही घटना के समय जब जुबैर बलोच घर के बाहर मौजूद थे तभी हमलावरों ने उस पर कई फायरिंग कर दी. इस दौरान पास की एक दुकान के मालिक ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसके बाद हमलावर मौके से फरार हो गए. घटना के बाद पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंच कर जांच शुरू कर दी है. 

पुलिस अधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच में यह मामला गैंग की आपसी दुश्मनी, पुरानी रंजिश या अन्य आपराधिक कारणों से जुड़ा हो सकता है. वहीं अब पुलिस सभी संभावित एंगल से मामले की जांच कर रही है और हमलावरों की पहचान के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं.

जुबैर बलोच को किया गया था गिरफ्तार 

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जुबैर बलोच को साल 2012 में गिरफ्तार किया गया था. कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें पिछले साल जनवरी में रिहा किया गया था. हाल के महीनों में उन्होंने एक राजनीतिक दल का दामन थामा था और अपने इलाके में उस पार्टी की गतिविधियों में भी एक्टिव बताए जा रहे थे. स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि हालिया घटनाक्रम के बाद ल्यारी क्षेत्र में एक बार फिर गैंगवार की आशंका बढ़ गई है. ऐसी भी चर्चाएं हैं कि कराची ऑपरेशन के दौरान विदेश भागे कुछ गैंगस्टर अब वापस लौट आए हैं, जिससे इलाके में तनाव का माहौल बन गया है.

उजैर बलोच पर गंभीर मामले दर्ज 

उजैर बलोच पहले से ही हत्या, पुलिस पर हमले, विस्फोटक रखने और देशद्रोह जैसे कई गंभीर मामलों का सामना कर रहे हैं. बता दें, मार्च में पाकिस्तान की एंटी-टेररिज्म कोर्ट ने उससे जुड़े सात मामलों में जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थी. इससे पहले साल 2020 में उसे जासूसी के एक मामले में दोषी ठहराते हुए 12 साल की सजा सुनाई गई थी. 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here