नई दिल्ली: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। गाजियाबाद की PMLA कोर्ट ने उनसे जुड़े मामले में सुनवाई के बाद उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। इसके बाद उन्हें डासना जेल में रखा जाएगा। वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी उनसे पूछताछ के लिए कस्टडी हासिल करने की तैयारी में है।
ईडी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी अगले एक-दो दिनों में गाजियाबाद की PMLA कोर्ट में आजम खान की पुलिस कस्टडी रिमांड के लिए आवेदन दे सकती है। एजेंसी उनसे मामले से जुड़े सवालों के जवाब जानना चाहती है। अगर अदालत ईडी की मांग स्वीकार कर लेती है, तो आजम खान को पूछताछ के लिए लखनऊ ले जाया जा सकता है। फिलहाल अदालत ने उन्हें 14 दिन तक न्यायिक हिरासत में रखने का निर्देश दिया है।
कोर्ट में ईडी ने रखीं अपनी दलीलें
रविवार को सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय ने अदालत के सामने आजम खान से जुड़े मामले की जानकारी रखी। जांच एजेंसी ने उनसे 14 दिनों की कस्टडी देने की मांग की थी। ईडी ने अपनी दलीलों में जौहर यूनिवर्सिटी की फंडिंग में कथित गड़बड़ियों और उससे जुड़े पैसों के लेन-देन का मुद्दा उठाया। एजेंसी ने अदालत को बताया कि मामले की जांच में मनी ट्रेल से जुड़े कई पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। ईडी का कहना है कि यूनिवर्सिटी को मिले फंड और उसके इस्तेमाल से संबंधित वित्तीय लेन-देन की जानकारी जुटाना जरूरी है। इसी आधार पर जांच एजेंसी ने आजम खान से पूछताछ के लिए कस्टडी की मांग रखी।
जौहर यूनिवर्सिटी की फंडिंग जांच के घेरे में
आजम खान से जुड़े इस मामले में जौहर यूनिवर्सिटी की फंडिंग अहम मुद्दा बनी हुई है। ईडी ने अदालत में कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े तथ्यों और पैसों के लेन-देन की जानकारी पेश की। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि यूनिवर्सिटी के लिए धन कहां से आया और उसका इस्तेमाल किस तरह किया गया। फिलहाल कोर्ट के आदेश के बाद आजम खान को डासना जेल भेजा गया है। अब सबकी नजर ईडी की अगली कार्रवाई पर है। यदि एजेंसी को अदालत से पुलिस कस्टडी रिमांड मिलती है, तो लखनऊ में उनसे पूछताछ की जा सकती है।












