नई दिल्ली: भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला 15 अगस्त से गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाएगा. यह सीरीज वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के लिहाज से भी अहम है. मुकाबले से पहले सबसे ज्यादा चर्चा गॉल की पिच और मौसम को लेकर है.
पहले दिन किसे मिलेगी मदद?
गॉल की पिच आमतौर पर स्पिन गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती है. हालांकि शुरुआत में बल्लेबाजों को भी रन बनाने के अच्छे मौके मिल सकते हैं. हालिया रिपोर्टों के मुताबिक पिच की स्थिति को लेकर अभी पूरी तरह तस्वीर साफ नहीं है और इसी वजह से भारतीय टीम के अंतिम संयोजन पर भी नजरें हैं.
भारतीय गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल ने तीन स्पिनरों के साथ उतरने की संभावना के संकेत दिए हैं. रविंद्र जडेजा, कुलदीप यादव और मानव सुथार जैसे विकल्प भारत को गॉल की परिस्थितियों का फायदा उठाने का मौका दे सकते हैं.
मैच आगे बढ़ने पर स्पिन का असर बढ़ेगा
गॉल में टेस्ट के दौरान पिच के धीरे-धीरे सूखने के साथ स्पिनरों की भूमिका अहम हो सकती है. शुरुआती दौर में बल्लेबाजों के लिए परिस्थितियां अपेक्षाकृत बेहतर रहने की उम्मीद है, लेकिन मैच आगे बढ़ने पर टर्न और असमान उछाल गेंदबाजों की मदद कर सकते हैं.
तेज गेंदबाजों के लिए भी शुरुआती समय महत्वपूर्ण होगा. गर्मी और ज्यादा नमी के कारण गेंद के जल्दी नरम होने की चुनौती सामने आ सकती है. मोर्केल ने बताया है कि 25-30 ओवर के बाद कूकाबुरा गेंद की कठोरता कम हो सकती है.
बारिश ने बढ़ाई चिंता
15 अगस्त को गॉल में बारिश की संभावना मैच के लिए चिंता का विषय बनी हुई है. मौसम खराब होने पर खेल में रुकावट आ सकती है. हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि पूरा दिन बारिश से धुल जाएगा. बादल और नमी शुरुआती घंटों में तेज गेंदबाजों के लिए अतिरिक्त मदद भी पैदा कर सकते हैं.
टॉस भी हो सकता है अहम
अगर मौसम साफ रहा तो टॉस जीतने वाली टीम परिस्थितियों को देखते हुए पहले बल्लेबाजी पर विचार कर सकती है. वहीं बादल और नमी मौजूद रहने पर कप्तान पहले गेंदबाजी चुन सकता है. ऐसे में शुभमन गिल और धनंजय डी सिल्वा के लिए टॉस के बाद सही फैसला लेना बेहद महत्वपूर्ण होगा.
कुल मिलाकर पहले दिन बल्लेबाजों और तेज गेंदबाजों के बीच मुकाबला देखने को मिल सकता है, जबकि मैच के आगे बढ़ने पर स्पिनरों का दबदबा बढ़ने की संभावना है.












