एआईआईएमएस में ‘वेसिकॉन-2026’ का भव्य समापन, दुनिया भर के वैज्ञानिकों ने किया शोध और नवाचार पर मंथन

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नई दिल्ली: चिकित्सा विज्ञान की दुनिया में नई संभावनाओं के द्वार खोलने और गंभीर बीमारियों के उपचार में अनुसंधान को नई गति देने की दिशा में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) नई दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘वेसिकॉन-2026’ का सफल समापन हुआ। इस आयोजन में देश-विदेश के 400 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लेकर कोशिकाओं से निकलने वाले सूक्ष्म कणों यानी बाह्यकोशिकीय पुटिकाओं पर गहन वैज्ञानिक चर्चा की।

भारतीय बाह्यकोशिकीय पुटिका सोसायटी का दूसरा वार्षिक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन  

भारतीय बाह्यकोशिकीय पुटिका सोसायटी का यह दूसरा वार्षिक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन था। इसमें चिकित्सा अनुसंधान जैव प्रौद्योगिकी और आधुनिक उपचार पद्धतियों से जुड़े विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए। सम्मेलन के दौरान 14 मुख्य एवं पूर्ण सत्रों के वक्ताओं 30 से अधिक आमंत्रित वक्ताओं और 20 से अधिक प्रदर्शकों की भागीदारी ने आयोजन को व्यापक वैज्ञानिक मंच प्रदान किया। वहीं कार्यशाला में 150 से अधिक प्रशिक्षुओं ने भाग लेकर व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया।

सम्मेलन के विशिष्ट अतिथि और मुख्य संरक्षक 

कार्यक्रम में पद्म भूषण से सम्मानित डॉ. शिव कुमार सरीन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। एम्स नई दिल्ली के निदेशक प्रो. निखिल टंडन ने विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मेलन की गरिमा बढ़ाई। अनुसंधान एवं विकास प्रणाली से जुड़े प्रमुख संस्थानों का प्रतिनिधित्व करते हुए वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग के डॉ. विपिन सी. शुक्ला और अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान प्रतिष्ठान के डॉ. शिव कुमार कल्याणरमन मुख्य संरक्षक के रूप में जुड़े रहे।

आयोजक, प्रमुख विषय और सरकारी सहयोग  

सम्मेलन का आयोजन डॉ. सरोज कुमार डॉ. कृष्णा के. इनामपुडी डॉ. नीरजा रानी और डॉ. लता सिंह की टीम ने किया। तीन प्रमुख वैज्ञानिक विषयों पर केंद्रित इस सम्मेलन में बाह्यकोशिकीय पुटिकाओं की भूमिका, विभिन्न रोगों में उनके संभावित उपयोग और प्रयोगशाला अनुसंधान को वास्तविक उपचार तक पहुंचाने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श हुआ। इस आयोजन को भारत सरकार के अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान प्रतिष्ठान जैव प्रौद्योगिकी विभाग स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग तथा वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग का सहयोग प्राप्त हुआ।

वैज्ञानिक सहयोग और भविष्य की उपचार संभावनाओं के लिए महत्वपूर्ण पड़ाव 

वैज्ञानिक सहयोग ज्ञान के आदान-प्रदान और भविष्य की उपचार संभावनाओं को मजबूत करने वाला ‘वेसिकॉन-2026’ चिकित्सा अनुसंधान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हुआ। सम्मेलन ने यह संदेश दिया कि आधुनिक विज्ञान में आपसी सहयोग और नवाचार के माध्यम से रोगों की बेहतर समझ तथा प्रभावी उपचार की दिशा में नई राहें खुल सकती हैं।

 

Reported By: Pankaj Rai

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