15.83 लाख की साइबर ठगी का खुलासा, पुलिस के हत्थे चढ़े दो आरोपी

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नई दिल्ली: ऊंचे मुनाफे का लालच व्हाट्सऐप ग्रुप का जाल और बैंक खातों के जरिए साइबर ठगी का खेल! उत्तर-पूर्वी दिल्ली जिले की साइबर पुलिस ने निवेश के नाम पर 15 लाख 83 हजार रुपये की कथित ठगी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनमें साइबर ठगी के लिए बैंक खातों की व्यवस्था करने से संबंधित चैट मिली हैं। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और ठगी की रकम के पूरे लेन-देन का पता लगाने में जुटी है।

उत्तर पूर्वी जिला डीसीपी राहुल अलवाल ने बताया कि पीड़ित निखिल डेड्ढा की शिकायत पर 5 अक्टूबर 2026 को साइबर पुलिस थाना।उत्तर-पूर्वी जिले में ई-एफआईआर संख्या 257/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 318(4), 319 और 340 में मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता को ‘प्रॉस्पर क्लब’ और ‘वीवीआईपी ग्रुप’ नामक व्हाट्सऐप निवेश समूहों के जरिए ऊंचे रिटर्न का लालच देकर कथित तौर पर 15.83 लाख रुपये का चूना लगाया गया।

जांच के दौरान सामने आया कि ठगी की रकम में से 9.60 लाख रुपये ‘कृष्णा एंटरप्राइजेज’ नामक बैंक खाते में पहुंचे थे। इस खाते का मालिक 23 वर्षीय हिमांशु कुमार निकला। पूछताछ में खुलासा हुआ कि हिमांशु ने कथित तौर पर 25 हजार रुपये के बदले बैंक दस्तावेज और उससे जुड़ा सिम कार्ड अपने रिश्तेदार अंकित कुमार (30) को सौंप दिया था।

पुलिस के मुताबिक अंकित साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले बैंक खाते जुटाकर अपने अन्य साथियों को उपलब्ध कराता था। तकनीकी जांच और लगातार पूछताछ के आधार पर पुलिस ने अंकित को भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उनका पूर्व आपराधिक इतिहास नहीं मिला है।

टीम की कार्रवाई, नेटवर्क पर नजर

उत्तर-पूर्वी जिला साइबर पुलिस की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को पकड़ा। बरामद मोबाइल फोन की जांच से नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। पुलिस अब रकम की पूरी कड़ी जोड़ने और इस कथित साइबर गिरोह के अन्य सहयोगियों की पहचान करने में जुटी है।

 

Reprted By: Pankaj Rai

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