नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी के मामले में उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामला करीब 2.10 करोड़ की साइबर ठगी से जुड़ा है जिसमें ठगी की रकम का एक हिस्सा संदिग्ध बैंक खाते में पहुंचा था। पुलिस के मुताबिक इस खाते में 98,592 जमा हुए थे। जांच के दौरान चार मोबाइल फोन, छह डेबिट कार्ड और दस चेकबुक बरामद की गई हैं। पुलिस अब आरोपियों की भूमिका और पैसों के पूरे लेन-देन की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
शिकायत से शुरू हुई जांच, बैंक खाते तक पहुंची पुलिस
उत्तर-पूर्वी जिला डीसीपी राहुल अलवाल ने बताया कि जिले की साइबर पुलिस थाने की टीम ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की जांच कर रही थी। इसी दौरान यमुना विहार क्षेत्र से संचालित एक संदिग्ध बैंक खाते में 12 अक्टूबर 2026 को 98,592 जमा होने की जानकारी सामने आई। बैंक रिकॉर्ड की जांच में पता चला कि उसी दिन 49,000 निकाले गए, जबकि शेष रकम चेक के माध्यम से निकाली गई थी।आगे की पड़ताल में इस रकम का संबंध दिल्ली पुलिस की विशेष इकाई आईएफएसओ में दर्ज ई-एफआईआर संख्या 0170/2026 से सामने आया। जनकपुरी निवासी प्रतिभा जैन ने शिकायत में आरोप लगाया था कि साइबर अपराधियों ने उन्हें तथाकथित डिजिटल अरेस्ट के जाल में फंसाकर लगभग 2.10 करोड़ की ठगी की।
दुकान की आड़ में बैंक खाते के इस्तेमाल का आरोप
जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी निगरानी और लगातार प्रयासों के बाद 23 अक्टूबर को सोनू खान (36) को अशोक नगर की गली नंबर 13 से पकड़ा। पुलिस के अनुसार वह वहां डिस्पोजेबल सामान की दुकान चला रहा था। उसके पास से तीन मोबाइल फोन, छह डेबिट कार्ड और दस चेकबुक बरामद हुईं। पूछताछ में सोनू ने कथित तौर पर अर्जुन चौधरी (38) का नाम बताया। पुलिस का आरोप है कि अर्जुन ने दुकान स्थापित करने में आर्थिक मदद की और इसके बदले सोनू के बैंक खाते पर नियंत्रण हासिल कर लिया। इसके बाद अर्जुन को भी गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से एक मोबाइल फोन मिला। दोनों आरोपियों का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड उपलब्ध जानकारी के अनुसार नहीं मिला है।
पुलिस की टीम जुटी पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने में
यह कार्रवाई निरीक्षक राहुल कुमार एसएचओ साइबर थाना के नेतृत्व में हेड कांस्टेबल अमित कुमार अमित चौधरी और रोहन की टीम ने की। अभियान की निगरानी एसीपी ऑपरेशंस सतेंद्र कुमार सिंह ने की। पुलिस अब जब्त मोबाइल फोन बैंक दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है ताकि ठगी की रकम के आगे के लेन-देन अन्य संभावित खातों और आरोपियों की वास्तविक भूमिका का पता लगाया जा सके। मामले में आगे की जांच जारी है।
Reported By: Pankaj Rai












