नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में चल रहे बड़े निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की क्वालिटी को लेकर चिंता जताई है. बता दें, मंगलवार को हुई मासिक प्रगति बैठक में उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि जब काम की जांच के लिए थर्ड पार्टी ऑडिट की व्यवस्था है, तो फिर निर्माण में गड़बड़ियां सामने क्यों आ रही हैं?
पीएम मोदी ने कहा कि सिर्फ ऑडिट करा देना काफी नहीं है. अगर जांच के बावजूद काम की गुणवत्ता खराब मिल रही है, तो पूरी व्यवस्था को बेहतर बनाने की जरूरत है. इसके साथ ही उन्होंने साफ कहा कि निर्माण कार्यों में लापरवाही बिल्कुल स्वीकार नहीं की जाएगी.
6 बड़ी परियोजनाओं पर हो रहा काम
जानकारी के अनुसार, बैठक में पीएम मोदी ने रेलवे, सड़क और बिजली से जुड़ी छह बड़ी परियोजनाओं की समीक्षा की है. ये परियोजनाएं नौ राज्यों में चल रही हैं और इन पर 30 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च होने हैं. उन्होंने कहा कि किसी बड़े प्रोजेक्ट को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर अलग-अलग नहीं देखना चाहिए. पूरी परियोजना को एक साथ देखकर उसकी प्रगति और गुणवत्ता पर नजर रखनी चाहिए.
पीएम मोदी ने अधिकारियों से कहा कि काम जल्दी पूरा करना जरूरी है, लेकिन इसके साथ गुणवत्ता भी बनी रहनी चाहिए। साथ ही उन्होंने प्रोजेक्ट्स में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने और हर स्तर पर निगरानी मजबूत करने की बात कही हैं.
बिजली को लेकर भी पीएम मोदी ने समझाई बात
बिजली परियोजना की समीक्षा के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि सिर्फ ज्यादा बिजली पैदा करना ही काफी नहीं है. उसे लोगों और उद्योगों तक पहुंचाने के लिए मजबूत ट्रांसमिशन नेटवर्क भी जरूरी है. अपने बात को स्पष्ट रूप से बताने के लिए उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह नहर के बिना बांध का पूरा फायदा नहीं मिल सकता, उसी तरह ट्रांसमिशन व्यवस्था के बिना ज्यादा बिजली पैदा करने का फायदा भी सीमित रहेगा।
साइबर फ्रॉड पर भी हुई चर्चा
इसके अलावा, बैठक में डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी के मामलों पर भी चर्चा की गई है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि साइबर अपराध रोकने के लिए लोगों को जागरूक करना बहुत जरूरी है. उन्होंने खास तौर पर बुजुर्गों, युवाओं और दूसरे संवेदनशील लोगों के लिए लगातार जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया है. वहीं लोगों को ऑनलाइन ठगी के नए तरीकों, फर्जी कॉल या मैसेज की पहचान और सुरक्षित डिजिटल इस्तेमाल के बारे में जानकारी देने की बात कही हैं. पीएम मोदी ने साइबर अपराध के नए तरीकों को समझने और उन पर जल्दी कार्रवाई करने के लिए अधिकारियों की नियमित ट्रेनिंग पर भी जोर दिया है.












