नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के जरिए देश को संबोधित किया। इस संबोधन में उन्होंने नशा मुक्ति के सामाजिक संकल्प से लेकर देश में कृषि विविधीकरण, महिला सशक्तीकरण और राष्ट्रप्रेम की अनोखी मिसालों पर अपने विचार खुलकर सामने रखे। उन्होंने देश के युवाओं, संगीतकारों और रंगकर्मियों का आह्वान किया कि वे नशा मुक्ति के खिलाफ एक जन-आंदोलन खड़ा करने के लिए अपनी रचनात्मक ऊर्जा का उपयोग करें।
देशभक्ति का उत्सव
प्रधानमंत्री ने ‘सूर्यपथ तिरंगा’ की सरहाना की। उन्होंने बताया कि इस बार राष्ट्रीय ध्वज ने फिजी की राजधानी सुवा से सूरज की पहली किरण के साथ अपनी यात्रा शुरू की और एशिया, अफ्रीका व यूरोप से होते हुए अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को तक सभी भारतीय मिशनों पर शान से लहराया।
इस बार ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत 8 करोड़ से अधिक तिरंगा सेल्फी अपलोड किए जाने को उन्होंने देशवासियों के अपार उत्साह का प्रतीक बताया। उन्होंने ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर का भी विशेष उल्लेख किया।
नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान पूरे देश में तेजी से गति पकड़ रहा है। नशे की लत को पूरे परिवार और समाज के लिए विनाशकारी बताते हुए उन्होंने कहा कि इस अभिशाप से मुक्ति के लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी बेहद आवश्यक है। पीएम मोदी ने युवाओं को चुनौती देते हुए कहा कि वे नए नारे बनाएं, युवा संगीतकार नशा मुक्त जीवन का संदेश देने वाले प्रेरणादायक गीत तैयार करें और थिएटर समूह ऐसे नाटक लिखें जो नशे के दलदल से बाहर निकलने का मार्ग दिखाएं।
उन्होंने बेहतरीन कंटेंट क्रिएटर्स से अलग-अलग भारतीय भाषाओं में प्रभावी सामग्री बनाने का आग्रह किया और लोगों से अपने इन प्रयासों को सोशल मीडिया पर #नशामुक्तयुवा हैशटैग के साथ साझा करने की अपील की।
एवाकाडो की खेती
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने सुपरफूड एवाकाडो की बढ़ती मांग का जिक्र करते हुए कहा कि पहले जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते थे, आज वह देश के डाइनिंग टेबल की पहचान बन चुका है। उन्होंने आंध्र प्रदेश के किसान वरदराज की सफलता की कहानी साझा की, जो पहले पारंपरिक रूप से आलू और टमाटर उगाते थे। एक मित्र से प्रेरणा लेकर और यूट्यूब से वैज्ञानिक तकनीक सीखकर वरदराज ने एवाकाडो की खेती शुरू की और अब तक 4 टन से अधिक पैदावार कर स्थानीय बाजारों में आपूर्ति कर रहे हैं। प्रधानमंत्री के अनुसार, ऐसे प्रयोग किसानों की आय बढ़ाने और उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने का काम कर रहे हैं।
रेहड़ी-पटरी से दुकान तक का सफर
रेहड़ी-पटरी पर काम करने वाली महिलाओं की मेहनत को नमन करते हुए पीएम मोदी ने बताया कि ‘पीएम स्वनिधि योजना’ के कुल लाभार्थियों में करीब 46 प्रतिशत महिलाएं हैं, यानी लगभग 35 लाख महिलाएं इससे जुड़कर आत्मनिर्भर बनी हैं। उन्होंने गाजियाबाद की बबीता शर्मा की मिसाल दी, जिन्होंने पूजा सामग्री के एक छोटे से स्टॉल से शुरुआत की थी और आर्थिक सहयोग पाकर आज अपनी पक्की दुकान चला रही हैं। वहीं, बेंगलुरु की टी.एस. निन्गम्मा और उनके पति ने इडली-डोसा बेचने के छोटे काम को इस योजना की मदद से बड़ा स्वरूप दिया और आज वे अपने तीनों बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दे पा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब एक महिला का कारोबार बढ़ता है, तो पूरे परिवार और देश का भविष्य आगे बढ़ता है।












