नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली को लेकर सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्ट्स में एक दावा सामने आया था कि उन्हें प्रेमानंद महाराज के आश्रम जाने के लिए 5 करोड़ रुपये दिए गए थे। अब इस दावे पर कोहली के आधिकारिक प्रवक्ता की ओर से सफाई सामने आई है। प्रवक्ता ने इस आरोप को पूरी तरह गलत, निराधार और तथ्यहीन बताया है। विराट कोहली के आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि आश्रम में उनकी मौजूदगी का किसी आर्थिक लेन-देन से कोई संबंध नहीं है। उनके मुताबिक, कोहली प्रेमानंद महाराज के प्रति अपनी गहरी आस्था और सम्मान के चलते उनसे मिलने जाते हैं।
प्रवक्ता ने मीडिया से भी अपील की कि इस तरह के दावों को आगे बढ़ाने या प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की अच्छी तरह जांच की जानी चाहिए। उनका कहना है कि बिना पुष्टि के ऐसी जानकारी सामने आने से गलत धारणा बन सकती है।
🚨 Virat Kohli’s team responds to the ₹5 crore claim.. Dinesh Falahari Maharaj had claimed that ₹5 crore was spent to bring Virat Kohli to Premanand Maharaj’s ashram for publicity. Now, Team Virat Kohli has dismissed the claim as “baseless.” The controversy has sparked a major debate online, but Kohli’s team has made its position clear.
— Sachin Unfiltered (@TheSachinView) October 7, 2026
किसने लगाया था ₹5 करोड़ का आरोप?
यह दावा दिनेश शर्मा ने किया था, जिन्हें ‘फलाहारी महाराज’ के नाम से भी जाना जाता है। वह श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष हैं। बताया गया कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजे गए एक पत्र में उन्होंने आरोप लगाया था कि राजस्थान की एक निजी कंपनी ने विराट कोहली को प्रेमानंद महाराज के आश्रम तक लाने के लिए कथित तौर पर 5 करोड़ रुपये खर्च किए। हालांकि, कोहली के प्रवक्ता ने इस दावे को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है।
2023 में पहली बार आश्रम पहुंचे थे कोहली
विराट कोहली और उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा पहली बार जनवरी 2023 में वृंदावन स्थित प्रेमानंद महाराज के आश्रम पहुंचे थे। उस दौरान उनकी बेटी वामिका भी उनके साथ थीं। इसके बाद दोनों 2025 में भी महाराज से मिलने पहुंचे। कोहली के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी उनकी महाराज से मुलाकात हुई थी।
प्रेमानंद महाराज ने दिया था जीवन का संदेश
मुलाकात के दौरान प्रेमानंद महाराज ने विराट और अनुष्का को जीवन में विनम्र रहने, अपने काम को सेवा की तरह करने और ईश्वर का स्मरण बनाए रखने की सलाह दी थी। वहीं, कोहली के टेस्ट संन्यास के बाद हुई मुलाकात में महाराज ने उन्हें बाहरी सफलता के बजाय भीतर के विचारों और आध्यात्मिक बदलाव पर ध्यान देने की बात कही थी। इस पूरे विवाद के बीच कोहली के प्रवक्ता का बयान साफ है कि आश्रम यात्रा को ₹5 करोड़ से जोड़ने वाला दावा तथ्यहीन है।












