नई दिल्ली: रामलीला की गूंज, डांडिया की थाप और त्योहारों की रौनक के बीच दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के साथ जागरूकता का भी मोर्चा संभाल लिया है। पश्चिमी जिला पुलिस ने रामलीला और डांडिया स्थलों पर विशेष पुलिस सहायता केंद्र स्थापित कर आम जनता को सुरक्षा, शिकायत निवारण और अपराध से बचाव के प्रति जागरूक किया। इस पहल के जरिए पुलिस ने साफ संदेश दिया कि खाकी केवल कानून-व्यवस्था की रखवाली नहीं करती, बल्कि जनता की समस्याओं को सुनने और उनके समाधान में भी सक्रिय भूमिका निभाती है।
जनसुनवाई और सुरक्षा जागरूकता के लिए विशेष अभियान
पुलिस सहायता केंद्रों पर जनसुनवाई महिला सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और नशे के दुष्प्रभाव जैसे चार प्रमुख विषयों पर विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। लोगों को जागरूक करने के लिए तैयार किए गए वीडियो दिखाए गए जबकि साइबर सुरक्षा से संबंधित पुस्तिकाएं और पर्चे वितरित किए गए ताकि नागरिक स्वयं सतर्क रहने के साथ अपने परिवार को भी सुरक्षित रख सकें।
महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष जोर
डांडिया और रामलीला में शामिल महिलाओं एवं युवतियों को व्यक्तिगत सुरक्षा पुलिस सहायता और छेड़छाड़ अथवा संदिग्ध गतिविधियों की तत्काल सूचना देने के संबंध में जागरूक किया गया। पुलिस अधिकारियों ने आयोजकों और प्रतिभागियों से संवाद कर भरोसा दिलाया कि उत्सव के दौरान महिलाओं की सुरक्षा प्राथमिकता बनी रहेगी।
साइबर ठगों और नशे के सौदागरों पर जागरूकता का वार
साइबर अपराधों से बचाव के लिए लोगों को संदिग्ध कड़ियों पर क्लिक न करने किसी के साथ ओटीपी साझा न करने और डिजिटल लेनदेन में सावधानी बरतने की सलाह दी गई। वहीं युवाओं और परिवारों को नशे के दुष्परिणाम बताकर नशामुक्त समाज के निर्माण में सहयोग की अपील की गई। नशे से संबंधित सूचना देने के लिए पश्चिमी जिला पुलिस ने व्हाट्सऐप नंबर +91 6828 401 608 भी साझा किया। पुलिस के अनुसार, सूचना देने वाले की पहचान और मोबाइल नंबर गोपनीय रखे जाएंगे तथा सत्यापित जानकारी पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
वरिष्ठ अधिकारियों ने संभाली कमान
पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त हरेश्वर वी. स्वामी, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त अभिषेक गुप्ता, संबंधित सहायक पुलिस आयुक्तों, थाना प्रभारियों और पुलिसकर्मियों ने विभिन्न आयोजन स्थलों का दौरा किया। अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने के साथ आयोजकों और आम नागरिकों से सीधा संवाद भी किया। आयोजन स्थलों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती और आयोजकों के साथ समन्वय के जरिए कार्यक्रमों को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के प्रयास किए गए। इस पहल को लोगों की सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली।
Reported By: Pankaj Rai












