नई दिल्ली: मादक पदार्थों की तस्करी से होने वाली काली कमाई और सीमा पार हवाला कारोबार के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। मिजोरम और मणिपुर में फैले नशा तस्करी एवं हवाला नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए ईडी ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान 1424 बैंक खातों को फ्रीज किया गया जबकि 17.82 करोड़ रुपये की संपत्ति अस्थायी रूप से कुर्क की गई। पहले से सुरक्षित 8.19 करोड़ रुपये की संपत्तियों को मिलाकर कुल सुरक्षित संपत्तियों का मूल्य 26.01 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
ईडी के आइजोल और इम्फाल उप-क्षेत्रीय कार्यालयों ने 23 अक्टूबर 2026 को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत आइजोल, चम्फाई, लॉंगतलाई और मणिपुर के चुराचांदपुर में कई ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। इस कार्रवाई में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) और मिजोरम पुलिस ने भी समन्वित कार्रवाई की।
म्यांमार से नशे की खेप, भारत से हवाला के जरिए रकम
जांच में सामने आया कि म्यांमार से हेरोइन ब्राउन शुगर और मेथामफेटामाइन की गोलियां भारत में पहुंचाई जा रही थीं। इनकी बिक्री से मिलने वाली रकम को विभिन्न राज्यों में बैंक खातों, मिनी एटीएम केंद्रों, ग्राहक सेवा केंद्रों और हवाला नेटवर्क के जरिए घुमाकर म्यांमार में बैठे कथित आपूर्तिकर्ताओं तक पहुंचाया जाता था। ईडी के अनुसार मिजोरम के चम्फाई और जोखावथार क्षेत्र से जुड़ा यह नेटवर्क मणिपुर, असम, त्रिपुरा और देश के अन्य हिस्सों में फैला हुआ था। जांच में ऐसे बैंक खातों का पता चला, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर नशे के कारोबार की रकम को छिपाने और उसके स्रोत को अस्पष्ट करने के लिए किया जा रहा था।
175 करोड़ रुपये से अधिक के लेन-देन की जांच
जांच में चुराचांदपुर स्थित एक मिनी एटीएम एवं धन हस्तांतरण केंद्र से वर्ष 2024 से जून 2026 के बीच 2,947 लेन-देन के माध्यम से लगभग 175.03 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए जाने का विवरण सामने आया। ईडी के मुताबिक इन लेन-देन का संबंध मिजोरम के विभिन्न खातों और कथित हवाला संचालकों से जुड़ता है।जांच एजेंसी को यह भी पता चला कि कुछ खाताधारक कथित तौर पर प्रति लाख रुपये 500 रुपये के बदले अपने बैंक खाते इस्तेमाल के लिए उपलब्ध करा रहे थे। एक अन्य कथित हवाला नेटवर्क से जुड़े खातों में लगभग 268.80 करोड़ रुपये के जमा होने की जानकारी मिली है। एजेंसी इन वित्तीय लेन-देन और उनके वास्तविक लाभार्थियों की जांच कर रही है।
पांच मंजिला इमारत पर भी कार्रवाई
ईडी ने चम्फाई के जिओन वेंग क्षेत्र में स्थित होटल जे.टी.एस. की पांच मंजिला व्यावसायिक इमारत को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। भूमि सहित इसकी कीमत 17.82 करोड़ रुपये आंकी गई है। जांच एजेंसी के अनुसार, संपत्ति का संबंध कथित हवाला कारोबार से जुड़े व्यक्तियों से है।।तलाशी के दौरान नकदी के लेन-देन का हिसाब रखने वाली बहियां, चेकबुक, डेबिट कार्ड, मोबाइल फोन और डिजिटल उपकरण भी जब्त किए गए हैं। एजेंसी अब बैंक अधिकारियों, ग्राहक सेवा केंद्र संचालकों, कथित मुखौटा कंपनियों और म्यांमार में रकम प्राप्त करने वालों की भूमिका की जांच कर रही है।
छह गिरफ्तार, जांच का दायरा बढ़ा
गिरफ्तार आरोपियों में मिजोरम से कश्यप जी. ठक्कर, थांगखुआला और टी. चातुआन वानलालगाखा तथा मणिपुर के चुराचांदपुर से जेनंगाइह्नियांग उर्फ तानियांग, नेनगजुआतुआन वाल्टे उर्फ तुआनपी और एच. गौजालाल शामिल हैं। ईडी के अनुसार, तानियांग और तुआनपी को मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में पहले से न्यायिक हिरासत में रहते हुए संबंधित न्यायालय की अनुमति से गिरफ्तार किया गया। फिलहाल जांच जारी है। एजेंसी अन्य बैंक खातों, कथित हवाला संचालकों, सीमा पार रकम प्राप्त करने वालों और नशीले पदार्थों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले रसायनों की आपूर्ति से जुड़े लोगों की पहचान करने में जुटी है।
Reported By: Pankaj Rai












