रतिया: रतिया स्थित गुरु नानक डिफेंस एवं स्पोर्ट्स अकैडमी में 10वीं राष्ट्रीय गतका चैंपियनशिप का भव्य शुभारंभ हुआ। गतका फेडरेशन ऑफ इंडिया के सहयोग से गतका एसोसिएशन ऑफ हरियाणा द्वारा आयोजित इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश के 21 राज्यों के खिलाड़ी अपनी प्रतिभा और खेल कौशल का प्रदर्शन करेंगे। प्रतियोगिता का उद्घाटन पूर्व स्पोर्ट्स मिनिस्टर और ओलिंपिक एसोसिएशन के पूर्व प्रधान इंटरनेशनल शूटर राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी और पूर्व सांसद एवं भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती सुनीता दुग्गल ने किया।
कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
इस अवसर पर गतका फेडरेशन ऑफ इंडिया के जनरल सेक्रेटरी सरदार बलजिंदर सिंह तूर, गतका एसोसिएशन ऑफ हरियाणा के अध्यक्ष स्वर्ण सिंह रतिया, ब्लॉक समिति रतिया के चेयरमैन विकास कुमार, शहरी मंडल प्रधान अंकित सिंगला तथा सीएम विंडो के एमिनेंट पर्सन सुनील इंदौरा विशेष रूप से उपस्थित रहे।
गतका से युवाओं में साहस और अनुशासन: सोढ़ी व दुग्गल ने बढ़ाया उत्साह
पूर्व स्पोर्ट्स मिनिस्टर और ओलिंपिक एसोसिएशन के पूर्व प्रधान इंटरनेशनल शूटर राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी कहा कि गतका सिख परंपरा से जुड़ी गौरवशाली कला है, जो युवाओं में साहस, अनुशासन, आत्मविश्वास और आत्मरक्षा की भावना विकसित करती है। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता का रतिया में आयोजन क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि 21 राज्यों के खिलाड़ियों की भागीदारी से इस खेल को व्यापक पहचान मिलेगी और युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का बेहतर मंच मिलेगा। और सांसद व भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती सुनीता दुग्गल नेकहा कि भारत सरकार ने जब से इस खेल को खेलों इंडिया के साथ जोड़ा है, बच्चों में उत्साह बढ़ा है। उन्होंने खिलाड़ियों को खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने तथा अपनी प्रतिभा से क्षेत्र और देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।
राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता से रतिया को मिली नई पहचान
21 राज्यों के खिलाड़ियों की भागीदारी से रतिया में आयोजित यह चैंपियनशिप खेल जगत के लिए महत्वपूर्ण अवसर है। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के आयोजन से क्षेत्र में खेल गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ रतिया को देशभर में पहचान बनाने का अवसर मिल रहा है। विभिन्न राज्यों से पहुंचे खिलाड़ी इस प्रतियोगिता के माध्यम से अपनी प्रतिभा, तकनीक, फुर्ती और खेल कौशल का प्रदर्शन करेंगे।
साहस, अनुशासन और आत्मसंयम का प्रतीक है गतका
गतका सिख परंपरा से जुड़ी एक पारंपरिक युद्धकला है, जो साहस, अनुशासन, आत्मसंयम और शारीरिक दक्षता का प्रतीक मानी जाती है। यह खेल युवाओं में आत्मविश्वास, एकाग्रता और अनुशासित जीवनशैली को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। राष्ट्रीय स्तर पर ऐसी प्रतियोगिताओं के आयोजन से पारंपरिक खेलों के संरक्षण और प्रचार-प्रसार को भी बल मिलता है।
युवा खिलाड़ियों को मिलेगा अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच
रतिया में आयोजित इस चैंपियनशिप से खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा का अनुभव प्राप्त होगा और उन्हें अपनी खेल प्रतिभा निखारने का अवसर मिलेगा। 21 राज्यों के खिलाड़ियों की सहभागिता ने प्रतियोगिता को विशेष महत्व प्रदान किया है। आयोजन से क्षेत्र के खेल प्रेमियों में उत्साह का माहौल है और यह चैंपियनशिप पारंपरिक खेलों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगी।












