नई दिल्ली: लखनऊ समेत यूपी के ज्यादातर जिलों में गुरुवार से हो रही लगातार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। शनिवार को भी कई जिलों में तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश जारी है। बारिश की वजह से कच्चे मकान गिर रहे हैं, पेड़ उखड़ रहे हैं और कई जगह बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है।
इतना ही नहीं लगातार हो रही बारिश के बीच दो बड़े हादसों की भी खबर सामने आई है। बहराइच के कैसरगंज थाना क्षेत्र के देवलखा गांव में फूस के कच्चे मकान की दीवार गिरने से 52 साल की महिला ननकई की मलबे में दबकर मौत हो गई। वहीं श्रावस्ती के मल्हीपुर खुर्द गांव में भी मकान की दीवार गिरने से 20 साल का युवक महमूद रजा गंभीर रूप से घायल हो गया।
किन जिलों में दिख रहा बारिश का सबसे ज्यादा असर
बारिश का असर सबसे ज्यादा तराई के जिलों में दिख रहा है। बलरामपुर, अमेठी, अयोध्या, सीतापुर, सुल्तानपुर और अंबेडकरनगर में भी जगह-जगह पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए हैं। वहीं अयोध्या में आधा दर्जन से ज्यादा ट्रांसफार्मर खराब हो गए हैं, जिससे शहर से लेकर गांव तक अंधेरा पसरा हुआ है। सुल्तानपुर और अमेठी में खेतों में खड़ी धान और गन्ने की फसल तेज हवा से गिर गई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। अंबेडकरनगर के जलालपुर में एक स्कूल बस पर बड़ा पेड़ गिर गया, गनीमत रही कि उस वक्त बस में कोई बच्चा नहीं था।
स्कूल-कॉलेजों को बंद करने का आदेश
सीतापुर में प्रशासन लाउडस्पीकर से लोगों से अपील कर रहा है कि बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें। लखनऊ में डीएम ने शनिवार को 12वीं तक के सभी स्कूलों के साथ-साथ डिग्री कॉलेज, पॉलिटेक्निक और आईटीआई को भी बंद रखने का आदेश दिया है। कई शहरों में तापमान 9 से 10 डिग्री तक नीचे आ गया है।
अगले 24 भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए प्रदेश के 59 जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। विभाग का कहना है कि 27 सितंबर तक मौसम ऐसा ही बना रहेगा। 26 सितंबर को पूर्वी यूपी में बहुत भारी बारिश और 27 को गरज-चमक के साथ तेज हवाओं की आशंका है।
इधर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों को फील्ड में रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जर्जर मकानों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया जाए। साथ ही अतिवृष्टि से हुए नुकसान का 24 घंटे में आकलन कर पीड़ितों को मदद दी जाए।












