दिल्ली से ओडिशा तक पुलिस की दौड़, 16 साल की बेटी को सुरक्षित वापस लाया खाकी का ऑपरेशन

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नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के इंद्रपुरी इलाके से लापता हुई 16 वर्षीय नाबालिग लड़की को दिल्ली पुलिस की लगातार मेहनत तकनीकी निगरानी और ओडिशा पुलिस के साथ बेहतर तालमेल के चलते सुरक्षित तलाश लिया गया। करीब दो सप्ताह तक चली इस तलाश में दिल्ली पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज से लेकर मोबाइल लोकेशन तक हर सुराग को जोड़ते हुए आखिरकार लड़की को ओडिशा के गंजाम जिले के भंजनगर से बरामद कर लिया। लड़की के साथ एक महिला भी मिली जो अपने घर से लापता बताई गई थी।

घर से निकली बेटी, बंद मिला मोबाइल

वेस्ट जिला डीसीपी हरेश्वर वी. स्वामी ने बताया कि 16 सितंबर को इंद्रपुरी निवासी एक व्यक्ति थाने पहुंचा और अपनी 16 वर्षीय बेटी ‘जी’ के लापता होने की सूचना दी। परिजनों ने बताया कि लड़की सुबह करीब 10 बजे घर से निकली थी। इसके बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया। परिवार की ओर से किसी विशेष व्यक्ति पर संदेह भी नहीं जताया गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना इंद्रपुरी में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई।

सीसीटीवी ने खोला पहला राज

जांच टीम ने आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। फुटेज में नाबालिग एक बैग लेकर इलाके से निकलती दिखाई दी। इसके बाद वह एक तिपहिया वाहन में सवार हुई। पुलिस को फुटेज में उसके साथ किसी तरह की जबरदस्ती या चोट के स्पष्ट संकेत नहीं मिले। तिपहिया चालक से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि उसने लड़की को पटेल नगर मेट्रो स्टेशन के पास उतारा था। इसके बाद पुलिस ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया।

मोबाइल नंबर ने पहुंचाया दूसरे शहर तक

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि नाबालिग एक ऐसे मोबाइल नंबर के संपर्क में थी जो उसके किसी परिजन या रिश्तेदार के नाम पर दर्ज नहीं था। नंबर की जांच करने पर यह पूजा नाम की 32 वर्षीय महिला के नाम पर पाया गया जो बुध नगर दिल्ली की रहने वाली थी। पुलिस ने जब महिला के बारे में जानकारी जुटाई तो पता चला कि वह भी अपने घर से लापता है और उसका मोबाइल फोन भी बंद है। इसके बाद दोनों की तलाश को जोड़कर जांच आगे बढ़ाई गई।

दिल्ली से आंध्र प्रदेश और फिर ओडिशा तक पहुंचा सुराग

तकनीकी निगरानी और मोबाइल हैंडसेट की लगातार ट्रैकिंग के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले। मोबाइल की गतिविधि आंध्र प्रदेश से होते हुए ओडिशा तक पहुंची। आखिरकार तकनीकी इनपुट में मोबाइल की लोकेशन गंजाम जिले के भंजनगर क्षेत्र में सामने आई।26 सितंबर को दिल्ली पुलिस ने तत्काल यह महत्वपूर्ण लोकेशन इनपुट गंजाम के पुलिस अधीक्षक और थाना भंजनगर के प्रभारी के साथ साझा किया, ताकि स्थानीय स्तर पर तलाश तेज की जा सके।

जनसुनवाई में पहुंचा परिवार, डीसीपी ने संभाली कमान

इस बीच 27 सितंबर को लापता लड़की के माता-पिता थाना इंद्रपुरी में आयोजित जनसुनवाई में पहुंचे। वहां उनकी शिकायत को पश्चिमी जिले के पुलिस उपायुक्त हर्षवर्धन वी. स्वामी ने व्यक्तिगत रूप से सुना। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी पश्चिम ने तत्काल ओडिशा के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से संपर्क किया और गंजाम पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर नाबालिग को जल्द से जल्द तलाशने के निर्देश दिए।

दिल्ली की टीम पहुंची ओडिशा

गंजाम पुलिस अधीक्षक के पर्यवेक्षण में विशेष टीम गठित की गई। थाना भंजनगर के प्रभारी को दिल्ली पुलिस के साथ समन्वय करते हुए तकनीकी इनपुट के आधार पर संभावित ठिकानों पर तलाश करने के निर्देश दिए गए। वहीं, थाना इंद्रपुरी की टीम से जांच अधिकारी उपनिरीक्षक अभिषेक और कांस्टेबल अन्नू हवाई मार्ग से ओडिशा रवाना हुए। दिल्ली और गंजाम पुलिस की टीमों ने मिलकर संभावित स्थानों पर व्यवस्थित तरीके से तलाश अभियान चलाया। लगातार तकनीकी निगरानी, स्थानीय स्तर पर पूछताछ और फील्ड जांच के बाद आखिरकार 29 सितंबर को नाबालिग लड़की और उसके साथ लापता बताई गई पूजा को भंजनगर गंजाम ओडिशा से सुरक्षित तलाश लिया गया।

तकनीक और तालमेल बना कामयाबी का रास्ता

इस पूरे अभियान में दिल्ली पुलिस की तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण मोबाइल की लगातार निगरानी और दिल्ली से ओडिशा तक दोनों राज्यों की पुलिस के बीच समन्वय अहम रहा। जनसुनवाई में परिवार की शिकायत सामने आने के बाद मामले को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया गया और पुलिस टीम ने लगातार कार्रवाई जारी रखी। सुराग दिल्ली से निकला, मोबाइल की लोकेशन ने रास्ता दिखाया और खाकी की टीम पहुंच गई ओडिशा तक। आखिरकार तलाश का ‘द एंड’ परिवार के लिए राहत और खुशी की खबर लेकर आया।

Reported by: Pankaj Rai 

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